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List of Products By Author

Aniruddha Chalisa - Hindi E-Book
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Aug 2017
Publication Type: eBook
Price: Rs.20.00

Description

Aniruddha Chalisa - Hindi E-Book

Goonj Uthi Pipasa - Hindi E-Copy
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Dec 2019
Publication Type: eBook
Price: Rs.0.00

Description

Goonj Uthi Pipasa - Hindi E-Copy

Bharatiya Bhasha Sangam has been founded to foster love among the people speaking different Indian languages  under the guidance of Sadguru Shree Aniruddha Bapu. 

India has many States and in each state, a different language is spoken. 

This book - "Bharatiya Bhasha Sangam - Travel Guide" is published with the intent of making possible atleast the primary conversation with the locals while traveling across the states of India. 

The book contains a collection of all the important  words and sentences required during our travel. As of now the book features translations in 9 Indian languages. We hope that this book would prove to be helpful during your travel.
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Nov 2012
Publication Type: eBook
Price: Rs.30.00

Description

Bharatiya Bhasha Sangam has been founded to foster love among the people speaking different Indian languages under the guidance of Sadguru Shree Aniruddha Bapu. India has many States and in each state, a different language is spoken. This book - "Bharatiya Bhasha Sangam - Travel Guide" is published with the intent of making possible atleast the primary conversation with the locals while traveling across the states of India. The book contains a collection of all the important words and sentences required during our travel. As of now the book features translations in 9 Indian languages. We hope that this book would prove to be helpful during your travel.

Bharatiya Bhasha Sangam has been founded to foster love among the people speaking different Indian languages  under the guidance of Sadguru Shree Aniruddha Bapu. 

India has many States and in each state, a different language is spoken.

This book - "Bharatiya Bhasha Sangam - Travel Guide" is published with the intent of making possible atleast the primary conversation with the locals while traveling across the states of India. 

The book contains a collection of all the important  words and sentences required during our travel. As of now the book features translations in 9 Indian languages. We hope that this book would prove to be helpful during your travel.
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Nov 2012
Publication Type: eBook
Price: Rs.30.00

Description

Bharatiya Bhasha Sangam has been founded to foster love among the people speaking different Indian languages under the guidance of Sadguru Shree Aniruddha Bapu. India has many States and in each state, a different language is spoken. This book - "Bharatiya Bhasha Sangam - Travel Guide" is published with the intent of making possible atleast the primary conversation with the locals while traveling across the states of India. The book contains a collection of all the important words and sentences required during our travel. As of now the book features translations in 9 Indian languages. We hope that this book would prove to be helpful during your travel.

सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापू एक हरफनमौला एवं विशेष पहलुओं से परिपूर्ण अद्वितीय व्यक्तित्व हैं! इस असाधारण व्यक्तित्व का अवलोकन करने के प्रयास के रूप में, ’दैनिक प्रत्यक्ष’ के सन २०१२ एवं २०१३ के ’नववर्ष विशेषांक’ ’मैंने जाना हुआ बापू’ इस विषय पर आधारित थे। बापूजी के शालेय जीवन से लेकर वैद्यकीय प्रैक्टिस के दौर में कई लोग उनके सान्निध्य में आए। ऐसे, बापूजी के सान्निध्य में आए हुए कई लोगों की, अनिरुद्धजी के विभिन्न पहलुओं को दर्शानेवाली, उस दौर की उनकी यादें शब्दांकित की गई थीं। इसके अलावा कुछ गिनेचुने व्यक्तित्वों की, नजदीकी दौर की यादों का भी उनमें समावेश किया गया था। बापूजी के अनोखे व्यक्तित्व पर रोशनी डालनेवाले ’दैनिक प्रत्यक्ष’ के वे दोनों अंक अविस्मरणीय साबित हुए थे।
<br/><br/>
इन सारे लेखों का संकलन किया हुआ ’मैंने जाना हुआ बापू’ नामक पुस्तक सन २०१७ में गुरुपूर्णिमा के शुभ दिन प्रथम मराठी एवं हिन्दी इन दो भाषाओं में प्रकाशित की गई। इसके बाद बहुत जल्द अंग्रेजी में भी यह पुस्तक प्रकाशित किया गया।
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: May 2020
Publication Type: eBook
Price: Rs.200.00

Description

सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापू एक हरफनमौला एवं विशेष पहलुओं से परिपूर्ण अद्वितीय व्यक्तित्व हैं! इस असाधारण व्यक्तित्व का अवलोकन करने के प्रयास के रूप में, ’दैनिक प्रत्यक्ष’ के सन २०१२ एवं २०१३ के ’नववर्ष विशेषांक’ ’मैंने जाना हुआ बापू’ इस विषय पर आधारित थे। बापूजी के शालेय जीवन से लेकर वैद्यकीय प्रैक्टिस के दौर में कई लोग उनके सान्निध्य में आए। ऐसे, बापूजी के सान्निध्य में आए हुए कई लोगों की, अनिरुद्धजी के विभिन्न पहलुओं को दर्शानेवाली, उस दौर की उनकी यादें शब्दांकित की गई थीं। इसके अलावा कुछ गिनेचुने व्यक्तित्वों की, नजदीकी दौर की यादों का भी उनमें समावेश किया गया था। बापूजी के अनोखे व्यक्तित्व पर रोशनी डालनेवाले ’दैनिक प्रत्यक्ष’ के वे दोनों अंक अविस्मरणीय साबित हुए थे।

इन सारे लेखों का संकलन किया हुआ ’मैंने जाना हुआ बापू’ नामक पुस्तक सन २०१७ में गुरुपूर्णिमा के शुभ दिन प्रथम मराठी एवं हिन्दी इन दो भाषाओं में प्रकाशित की गई। इसके बाद बहुत जल्द अंग्रेजी में भी यह पुस्तक प्रकाशित किया गया।

Pipasa 1 - Hindi E-Copy
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Apr 2019
Publication Type: eBook
Price: Rs.0.00

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Pipasa 1 - Hindi E-Copy

परमपूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापूजी (डॉ. अनिरुद्धसिंह जोशी) का गुरुवार ०६ मई २०१० को श्रीहरिगुरुग्राम में ’रामराज्य’ इस विषयापर हुआ प्रवचन.
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: May 2016
Publication Type: eBook
Price: Rs.15.00

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परमपूज्य सद्गुरु श्री अनिरुद्ध बापूजी (डॉ. अनिरुद्धसिंह जोशी) का गुरुवार ०६ मई २०१० को श्रीहरिगुरुग्राम में ’रामराज्य’ इस विषयापर हुआ प्रवचन.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना सन 1925 में हुई। डॉ. केशव बळीराम हेडगेवार ने नब्बे वर्ष पहले बोये हुए बीज का रूपान्तरण अब एक विशाल वटवृक्ष में हो चुका है। इस वटवृक्ष की शाखाएँ कितनीं, पत्ते कितने इसकी गिनती करना मुश्किल है। लेकिन यह संगठन भारतीय जनमानस में बहुत ही दृढ़तापूर्वक अपनी जड़ें फ़ैलाकर समर्थ रूप में खड़ा है और वटवृक्ष की ही गति एवं शैली में विकास कर रहा है। केवल देश में ही नहीं, बल्कि जहाँ कहीं भी भारतीय हैं, उन सभी देशों में संघ कार्यरत है ही। इतना ही नहीं, बल्कि विदेशस्थित भारतीयों को अपने देश के साथ, संस्कृति के साथ दृढ़तापूर्वक जोड़कर रखनेवाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यह मात्र एक संगठन नहीं, बल्कि परंपरा बन चुका है।
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Author: Rameshbhai Mehta
ISBN/ISSN No: 978-81-904260-6-0
Publication Date: Jun 2017
Publication Type: eBook
Price: Rs.200.00

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना सन 1925 में हुई। डॉ. केशव बळीराम हेडगेवार ने नब्बे वर्ष पहले बोये हुए बीज का रूपान्तरण अब एक विशाल वटवृक्ष में हो चुका है। इस वटवृक्ष की शाखाएँ कितनीं, पत्ते कितने इसकी गिनती करना मुश्किल है। लेकिन यह संगठन भारतीय जनमानस में बहुत ही दृढ़तापूर्वक अपनी जड़ें फ़ैलाकर समर्थ रूप में खड़ा है और वटवृक्ष की ही गति एवं शैली में विकास कर रहा है। केवल देश में ही नहीं, बल्कि जहाँ कहीं भी भारतीय हैं, उन सभी देशों में संघ कार्यरत है ही। इतना ही नहीं, बल्कि विदेशस्थित भारतीयों को अपने देश के साथ, संस्कृति के साथ दृढ़तापूर्वक जोड़कर रखनेवाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यह मात्र एक संगठन नहीं, बल्कि परंपरा बन चुका है।

Shree Aaradhana Jyoti Pustika - Hindi
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Jan 2018
Publication Type: eBook
Price: Rs.25.00

Description

Shree Aaradhana Jyoti Pustika - Hindi

श्री महादुर्गेश्वर प्रपत्ती - सावन मास के हर सोमवार को सूर्यास्त के पश्चात केवल पुरुषोको ’श्री महादुर्गेश्वर प्रपत्ती’ करनी है । यह प्रपत्ती सामूहिक तौरपर करें, किंतु अकेले भी की जा सकती है । इस के बारे मे संपूर्ण जानकारी इस पुस्तिका में उपलब्ध की गयी है । जिसमे मांडणी, प्रपत्ती तबक की सामग्री, प्रपत्ती विधि, कथा एवं आरती है ।
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Aug 2016
Publication Type: eBook
Price: Rs.10.00

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श्री महादुर्गेश्वर प्रपत्ती - सावन मास के हर सोमवार को सूर्यास्त के पश्चात केवल पुरुषोको ’श्री महादुर्गेश्वर प्रपत्ती’ करनी है । यह प्रपत्ती सामूहिक तौरपर करें, किंतु अकेले भी की जा सकती है । इस के बारे मे संपूर्ण जानकारी इस पुस्तिका में उपलब्ध की गयी है । जिसमे मांडणी, प्रपत्ती तबक की सामग्री, प्रपत्ती विधि, कथा एवं आरती है ।

Shree Runadnyapak Stotra - Hindi
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Jan 2018
Publication Type: eBook
Price: Rs.10.00

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Shree Runadnyapak Stotra - Hindi

 Shree Sacchidanandotsav - Hindi
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Dec 2017
Publication Type: eBook
Price: Rs.5.00

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Shree Sacchidanandotsav - Hindi

Shree Vardhamaan Vratadhiraj Pustika - Hindi E-Book
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Dec 2017
Publication Type: eBook
Price: Rs.10.00

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Shree Vardhamaan Vratadhiraj Pustika - Hindi E-Book

Shree Shwasam Guhyasooktam HINDI Ebook
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Editor: Samir Dattopadhye
Author: Samir Dattopadhye
Publication Date: May 2015
Publication Type: eBook
Price: Rs.35.00

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Shree Shwasam Guhyasooktam HINDI Ebook

Sunderkand e-Book
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: May 2016
Publication Type: eBook
Price: Rs.110.00

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Sunderkand e-Book

"इस्रायल : एक प्रवास – प्रदीर्घ, लेकिन सफल" यह पुस्तक पाठक को इस्रायल इस राष्ट्र के विभिन्न पहलुओं की गहराई से जानकारी दिलाती है। इस्रायल ने आज जागतिक मंच पर महत्त्वपूर्ण स्थान हासिल किया है और इस्रायल भारत के साथ अपनी अनोखी मित्रता बनाये है। जिस किसीको भी इन सारी बातों का विशाल दृष्टिकोण से अध्ययन करना है, उसने तो यह पुस्तक यक़ीनन ही पढ़नी चाहिए। इस पुस्तक की लेखिका ‘शुलमिथ पेणकर-निगरेकर’ ये एक भारतीय-इस्रायली महिला होकर, इन दिनों उनका वास्तव्य तेल अवीव में है।
<br/><br/>
यह पुस्तक इस्रायल के स्फूर्तिदायक इतिहास को तो उजागर करती ही है; साथ ही, इस्रायल की धार्मिक परंपराएँ, समाजजीवन, दकियानुसी चौख़ट के बाहर की सोच रखते हुए कल्पना से परे होनेवालीं बातें साध्य करनेवाला इस्रायल का अभिनव दृष्टिकोण, इस्रायल का सेनाबल, अर्थकारण, आन्तर्राष्ट्रीय संबंध, सबसे अहम बात, इन सब बातों का इस्तेमाल करके, आत्यंतिक प्रतिकूल हालातों में भी इस्रायल ने की हुई दर्शनीय प्रगति इन सबसे भी पाठक को परिचित कराती है। ज्यूधर्मियों के आद्यपूर्वज अब्राहम और ‘होली लँड’ के संदर्भ में उन्हें हुआ ईश्वर का साक्षात्कार, इस ज्यूधर्म में मान्यता प्राप्त कथा से इस पुस्तक की शुरुआत होती है। उसके पश्चात् के सारे कालखंड के ज्यूधर्मियों के इतिहास पर नज़र डालते हुए ‘झायोनिझम्’ के उदय के कालखंड तक यह पुस्तक आ पहुँचती है; और उसके बाद इस्रायल की स्वतंत्रता और स्वतंत्रता के बाद भी इस्रायल को लड़ने पड़े अहम युद्ध और इस्रायल ने हासिल की प्रगति इनपर रोशनी डालती है।
<br/><br/>
इस पुस्तक का महत्त्व अधोरेखांकित करने के लिए, डॉ. अनिरुद्ध धैर्यधर जोशी ने लिखी, इस पुस्तक की प्रस्तावना का यह एक परिच्छेद उचित साबित होगा - "भविष्य में पूरी दुनिया भर में जो युद्ध का, वैमनस्य का एवं मानवनिर्मित प्राकृतिक आपदाओं का दावानल भड़कनेवाला है और जो धीरे धीरे पूरी दुनिया को घेर सकता है, ऐसी सारी बातों का मुक़ाबला करने का सामर्थ्य, यदि इस्रायल तथा भारत दृढ़तापूर्वक एकत्रित रहें, तो यक़ीनन ही निर्माण हो सकता है; और इन दो देशों के साथ यदि जापान, अमरीका और रशिया अपने हाथ मिलायें, तो इस होनेवाले विध्वंस को का़फी हद तक टाला जा सकता है।."
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Publication Date: Sep 2021
Publication Type: eBook
Price: Rs.250.00

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"इस्रायल : एक प्रवास – प्रदीर्घ, लेकिन सफल" यह पुस्तक पाठक को इस्रायल इस राष्ट्र के विभिन्न पहलुओं की गहराई से जानकारी दिलाती है। इस्रायल ने आज जागतिक मंच पर महत्त्वपूर्ण स्थान हासिल किया है और इस्रायल भारत के साथ अपनी अनोखी मित्रता बनाये है। जिस किसीको भी इन सारी बातों का विशाल दृष्टिकोण से अध्ययन करना है, उसने तो यह पुस्तक यक़ीनन ही पढ़नी चाहिए। इस पुस्तक की लेखिका ‘शुलमिथ पेणकर-निगरेकर’ ये एक भारतीय-इस्रायली महिला होकर, इन दिनों उनका वास्तव्य तेल अवीव में है।

यह पुस्तक इस्रायल के स्फूर्तिदायक इतिहास को तो उजागर करती ही है; साथ ही, इस्रायल की धार्मिक परंपराएँ, समाजजीवन, दकियानुसी चौख़ट के बाहर की सोच रखते हुए कल्पना से परे होनेवालीं बातें साध्य करनेवाला इस्रायल का अभिनव दृष्टिकोण, इस्रायल का सेनाबल, अर्थकारण, आन्तर्राष्ट्रीय संबंध, सबसे अहम बात, इन सब बातों का इस्तेमाल करके, आत्यंतिक प्रतिकूल हालातों में भी इस्रायल ने की हुई दर्शनीय प्रगति इन सबसे भी पाठक को परिचित कराती है। ज्यूधर्मियों के आद्यपूर्वज अब्राहम और ‘होली लँड’ के संदर्भ में उन्हें हुआ ईश्वर का साक्षात्कार, इस ज्यूधर्म में मान्यता प्राप्त कथा से इस पुस्तक की शुरुआत होती है। उसके पश्चात् के सारे कालखंड के ज्यूधर्मियों के इतिहास पर नज़र डालते हुए ‘झायोनिझम्’ के उदय के कालखंड तक यह पुस्तक आ पहुँचती है; और उसके बाद इस्रायल की स्वतंत्रता और स्वतंत्रता के बाद भी इस्रायल को लड़ने पड़े अहम युद्ध और इस्रायल ने हासिल की प्रगति इनपर रोशनी डालती है।

इस पुस्तक का महत्त्व अधोरेखांकित करने के लिए, डॉ. अनिरुद्ध धैर्यधर जोशी ने लिखी, इस पुस्तक की प्रस्तावना का यह एक परिच्छेद उचित साबित होगा - "भविष्य में पूरी दुनिया भर में जो युद्ध का, वैमनस्य का एवं मानवनिर्मित प्राकृतिक आपदाओं का दावानल भड़कनेवाला है और जो धीरे धीरे पूरी दुनिया को घेर सकता है, ऐसी सारी बातों का मुक़ाबला करने का सामर्थ्य, यदि इस्रायल तथा भारत दृढ़तापूर्वक एकत्रित रहें, तो यक़ीनन ही निर्माण हो सकता है; और इन दो देशों के साथ यदि जापान, अमरीका और रशिया अपने हाथ मिलायें, तो इस होनेवाले विध्वंस को का़फी हद तक टाला जा सकता है।."

श्रद्धावानों के फलस्वरूप, उनके जीवन को उचित दिशा प्रदान करने की तीव्र उत्कंठा के फलस्वरूप सदगुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने हमें आदिमाता की प्रेमकॄपा का आश्वासन दिया। मां चण्डिका की क्षमा, रक्षण अर्थात आधार, वे इस ग्रंथ के माध्याम से हम तक पहुंचा रहे हैं। श्रद्धावानों के मन मे उठनेवाले सभी प्रश्नों को, भय को दूर करके भक्ती और सामर्थ्य को दृढ करनेवाला यह सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। ऐसा हितकारक बदलाव लानेवाला यह ग्रंथ सिर्फ दिशादर्शक ही नहीं है बल्कि, चण्डिकाकुल की कृपा के फलस्वरूप, इस दिशा में प्रवास करनेवालों को ताकत भी प्रदान करता है। मां चण्डिका की ओर ले जानेवाला मार्ग सदैव खुला रहता है, द्वार खुला रहता है इसका आभास करवानेवाला यह ग्रंथ हमारे अंदर मे अनेको बंद दरवाजो को आसानी से खोल देता है, हमारे मन की अनेक बाधाओं की आसानी से दूर करता है और इस मां की कृपा के खुले मार्ग पर ले आता है। जब ऐसा होता है तब ही मां के नजदीक ले जानेवाले खुले द्वार का आभास होता है और यह कार्य यह ग्रंथ अर्थात सदगुरु की उत्कंठा के शब्द निश्चित रुप से संम्पन्न करता है।
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Author: Dr. Aniruddha Dhairyadhar Joshi
Publication Date: Oct 2021
Publication Type: eBook
Price: Rs.200.00

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श्रद्धावानों के फलस्वरूप, उनके जीवन को उचित दिशा प्रदान करने की तीव्र उत्कंठा के फलस्वरूप सदगुरु श्री अनिरुद्ध बापू ने हमें आदिमाता की प्रेमकॄपा का आश्वासन दिया। मां चण्डिका की क्षमा, रक्षण अर्थात आधार, वे इस ग्रंथ के माध्याम से हम तक पहुंचा रहे हैं। श्रद्धावानों के मन मे उठनेवाले सभी प्रश्नों को, भय को दूर करके भक्ती और सामर्थ्य को दृढ करनेवाला यह सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। ऐसा हितकारक बदलाव लानेवाला यह ग्रंथ सिर्फ दिशादर्शक ही नहीं है बल्कि, चण्डिकाकुल की कृपा के फलस्वरूप, इस दिशा में प्रवास करनेवालों को ताकत भी प्रदान करता है। मां चण्डिका की ओर ले जानेवाला मार्ग सदैव खुला रहता है, द्वार खुला रहता है इसका आभास करवानेवाला यह ग्रंथ हमारे अंदर मे अनेको बंद दरवाजो को आसानी से खोल देता है, हमारे मन की अनेक बाधाओं की आसानी से दूर करता है और इस मां की कृपा के खुले मार्ग पर ले आता है। जब ऐसा होता है तब ही मां के नजदीक ले जानेवाले खुले द्वार का आभास होता है और यह कार्य यह ग्रंथ अर्थात सदगुरु की उत्कंठा के शब्द निश्चित रुप से संम्पन्न करता है।

यह परमपावन कार्य, जैसे इसका नाम दर्शाता है, माँ चंडिका के वात्सल्य का प्रत्यक्षीकरण है। सगुरु श्री अनिरुद्ध रचित यह कार्य भक्तों को केवल महिषासुरमर्दिनी माता चंडिका के आदर्श, कार्य और भूमिका से ही जोड़ने के लिए नहीं है, बल्कि उसके वात्सल्य से और उसकी हमारी संरक्षा के प्रति तत्परता से हमें अवगत कराना है।
<br/><br/>
वे चाहते हैं कि हम माता के प्रेम को जानें और उस शक्ति को पहचाने - वह शक्ति जो दुष्टता या बुराई से लड़ने की है, वह शक्ति जो नैतिक गुण और भक्ति के परिणामों से निश्चल आनंद की प्राप्ति कराती है। वह भले ही उग्र दिखती हो, वही सच्ची भक्त की सुरक्षा करती है और दुष्टों का नाश करती है। उस ने अपने उद्देश्य के मुताबिक - सच्चाई, पवित्रता, प्रेम और आनंद के नियमों की सुरक्षा हेतु यह भूमिका अपनाई है और वह इसकी प्राप्ति करती ही है।
<br/><br/>
गायत्री माता, महिषासुरमर्दिनी चंडिका माता और अनसूया माता एक ही है। विभिन्न स्तर के कार्यों के अनुसार माता रूप धारण करती है। जैसा कि सद्गुरु श्री अनिरुद्ध कहते हैं, यह कार्य माता की कीर्तियों का गुणसंकीर्तन है। यह एक 'ज्ञान-गंगा' है, और 'भक्ति-भागीरथी' है। यह कार्य ज्ञान एवं भक्ति के पथ पर चलकर भगवंत या यहाँ पर माता चंडिका के बोध के प्रति संतोष प्रदान करता है। यह चिरकाल तक मार्गदर्शन करनेवाला यह ग्रन्थ सद्गुरु श्री अनिरुद्ध जी द्वारा लिखे गए उन के अन्य कार्यों की तरह भक्तों को प्रेम और आधार देता है।
Sold By: Ishapashyanti Enterprises LLP
Author: Dr. Aniruddha Dhairyadhar Joshi
Publication Date: Oct 2021
Publication Type: eBook
Price: Rs.180.00

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यह परमपावन कार्य, जैसे इसका नाम दर्शाता है, माँ चंडिका के वात्सल्य का प्रत्यक्षीकरण है। सगुरु श्री अनिरुद्ध रचित यह कार्य भक्तों को केवल महिषासुरमर्दिनी माता चंडिका के आदर्श, कार्य और भूमिका से ही जोड़ने के लिए नहीं है, बल्कि उसके वात्सल्य से और उसकी हमारी संरक्षा के प्रति तत्परता से हमें अवगत कराना है।

वे चाहते हैं कि हम माता के प्रेम को जानें और उस शक्ति को पहचाने - वह शक्ति जो दुष्टता या बुराई से लड़ने की है, वह शक्ति जो नैतिक गुण और भक्ति के परिणामों से निश्चल आनंद की प्राप्ति कराती है। वह भले ही उग्र दिखती हो, वही सच्ची भक्त की सुरक्षा करती है और दुष्टों का नाश करती है। उस ने अपने उद्देश्य के मुताबिक - सच्चाई, पवित्रता, प्रेम और आनंद के नियमों की सुरक्षा हेतु यह भूमिका अपनाई है और वह इसकी प्राप्ति करती ही है।

गायत्री माता, महिषासुरमर्दिनी चंडिका माता और अनसूया माता एक ही है। विभिन्न स्तर के कार्यों के अनुसार माता रूप धारण करती है। जैसा कि सद्गुरु श्री अनिरुद्ध कहते हैं, यह कार्य माता की कीर्तियों का गुणसंकीर्तन है। यह एक 'ज्ञान-गंगा' है, और 'भक्ति-भागीरथी' है। यह कार्य ज्ञान एवं भक्ति के पथ पर चलकर भगवंत या यहाँ पर माता चंडिका के बोध के प्रति संतोष प्रदान करता है। यह चिरकाल तक मार्गदर्शन करनेवाला यह ग्रन्थ सद्गुरु श्री अनिरुद्ध जी द्वारा लिखे गए उन के अन्य कार्यों की तरह भक्तों को प्रेम और आधार देता है।

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